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Wednesday, 19 February 2020

राहुल गांधी काँग्रेस की डूबती नैया को पार लगा पाएंगे?

राहुल गाँधी का जीवन परिचय और राजनीतिक भविष्य

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राहुल गाँधी (फ़ोटो : सोशल मीडिया)
राहुल गांधी भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं। 19 जून 1970 को नई दिल्ली में जन्मे राहुल गाँधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी तथा वर्तमान काँग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के पुत्र हैं। राहुल गाँधी वर्तमान में केरल के वायनाड से सांसद हैं।

राहुल गाँधी की शिक्षा

    दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल तथा सेंट स्टीफ़ेन्स कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात वह हार्वर्ड तथा कैम्ब्रिज जैसे शीर्ष संस्थानों से उच्च शिक्षा ग्रहण किए। स्नातक स्तर तक की पढ़ाई के बाद उन्होंने ब्रिटेन में एक प्रबंधन परामर्श कंपनी में काम किया फिर 2002 के अंत में वह मुंबई में स्थित एक आउटसोर्सिंग कंपनी से कुछ समय के लिए जुड़े।
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राहुल गाँधी (PC : Social media)

राहुल गाँधी का राजनीतिक कॅरियर

उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र से 2004 के लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी के रूप में पहली बार राजनीति में कदम रखे। संसद में इसी लोकसभा क्षेत्र का नेतृत्व कभी उनके पिता राजीव गाँधी और चाचा संजय गाँधी कर चुके हैं और तब इस लोकसभा सीट पर उनकी माँ थी, जब तक वह पड़ोस के निर्वाचन-क्षेत्र रायबरेली स्थानान्तरित नहीं हुई थी। राहुल गाँधी यह चुनाव विशाल मत से जीते, वोटों में 1,00,000 के अंतर के साथ इन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र को गाँधी परिवार का गढ़ बनाए रखा। अगले लोकसभा चुनाव 2009 में उन्होंने उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 3 लाख से भी अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। इन चुनावों में काँग्रेस को उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटों में से 21 सीटें प्राप्त हुई। इस जीत का श्रेय राहुल गाँधी को दिया गया। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में  उत्तर प्रदेश में काँग्रेस को मात्र 2 सीटें मिली। इन दो सीटों में से एक था अमेठी जहाँ से राहुल गाँधी लगातार तीसरी बार जीते तथा दूसरा रायबरेली से सोनिया गाँधी। कांग्रेस पूरे देश में मात्र 44 सीटों पर सिमट कर रह गई और इस तरह राहुल गाँधी के उभरते राजनीतिक जीवन को अचानक ब्रेक लग गया। काँग्रेस की अध्यक्षा तो सोनिया गाँधी रहती रही हैं लेकिन कांग्रेस में निर्णय और नेतृत्व राहुल गाँधी का रहा है। 2014 के बाद धीरे-धीरे कांग्रेस के हाथों से एक-एक कर राज्य दर राज्य खिसकता गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को दूसरी बार लगातार बहुमत प्राप्त हुवा और कांग्रेस मात्र 52 सीटों पर सिमट कर रह गई। राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य को मजबूती प्रदान करने के लिए उन्हें 16 दिसम्बर 2017 को कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया लेकिन उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार का जिम्मेदारी लेते हुवे 3 अगस्त 2019 को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। 2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी दो सीटों(अमेठी और वायनाड) से चुनाव लड़े लेकिन उन्हें अमेठी में भाजपा के स्मृति ईरानी से पराजित होना पड़ा। राहुल गांधी के नेतृत्व में धीरे-धीरे कांग्रेस सिमटता गया लेकिन छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बदौलत सरकार बनाने से कांग्रेस में थोड़ी जान आई।
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राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी किसानों से मिलते हुवे (PC : Social media)

राहुल गाँधी के विवादित बयान

   राहुल गाँधी अपने कुछ बयानों और भाषणों को लेकर हमेशा से विवादों में रहे हैं। चाहे उनका गाँधी जी की हत्या में आरएसएस का हाथ होने जैसे बयान हो या फिर यूपी के युवाओं के दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने और भीख माँगने जैसे बयान हो, उनके कुछ बयानों के कारण तो उन्हें कोर्ट का भी सामना करना पड़ा है। 2013 में सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को बचाने को लेकर कांग्रेस द्वारा लाए गए अध्यादेश पर राहुल गांधी के बयान से केंद्र सरकार को भारी किरकिरी हुवा था। राहुल गांधी ने अध्यादेश के मुद्दे पर कहा था कि ये बिल्कुल बकवास है, इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए। इस संदर्भ में नीति आयोग बना दिए गए योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने अपनी नई किताब 'बैकस्टेज : द स्टोरी बिहाइंड इंडिया हाई ग्रोथ ईयर्स' में इसका खुलासा करते हुए लिखते हैं की इस घटनाक्रम के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा देना चाहते थे। मनमोहन सिंह तब अमेरिका दौरे पर थे और अहलूवालिया मनमोहन के साथ गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। मनमोहन सिंह ने पूछा था कि क्या उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये। श्री मोंटेक ने कहा कि इस पर मैने कहा की इस्तीफा देना सही नहीं होगा।
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राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी(PC : सोशल मीडिया)
राफेल ख़रीद में भ्रष्टाचार को लेकर दिए गए अपने भाषणों और विभिन्न प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे दर्जनों बार राफेल के कीमत को बदलते रहे। कई बार वे ऐसा कुछ बोल जाते हैं जिसका सफाई देने में कांग्रेस प्रवक्ताओं को भी किरकिरी हो जाता है। एक आंकड़े बताते हैं भारतीय राजनेताओं में सबसे ज्यादा मीम राहुल गाँधी पर बने हैं। दर्जनों ऐसे बयान और भाषण के अंश है जिनके कारण सोशल मीडिया पर हमेशा उन्हें ट्रोल किया जाता रहा और वो विवादों में रहे। इन सब के कारण कुछ लोग उन्हें अपरिपक्व नेता मानते हैं। कुछ लोगों का मानना है राहुल गाँधी राजनीति के लिए बने हीं नहीं है। शशि थरूर, जयराम रमेश, ए. के. एंटनी, सलमान खुर्शीद, गुलाम नबी आजाद जैसे कांग्रेस के सैकडों अनुभवी और गुणी नेताओं को दरकिनार कर केवल नेहरू-गाँधी परिवार का वारिस होने के बदौलत उन्हें जबरदस्ती प्रधानमंत्री बनाने के चक्कर में कांग्रेस खुद अपना अस्तित्व खोते चली जा रही है। राहुल गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस 30 चुनाव से अधिक हार चुकी है लेकिन न कोई कांग्रेस के नेता उनके खिलाफ बोल सकते हैं और न हीं बोलने की हिम्मत रखते हैं क्योंकि उन्हें लगता है राहुल गाँधी हीं कांग्रेस है, एक शब्दों में कहें तो काँग्रेस जिसने कभी देश के लिए अपने जीवन समर्पित कर देने वाले सैकड़ों नेता दिया आज एक परिवार का जागीर बन कर रह गया है। कांग्रेस के बड़े से बड़े नेता भी गाँधी परिवार की चाटूकारिता में लगे रहते हैं क्योंकि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यही एक उपाय दिखता है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में काँग्रेस

      हाल हीं में सम्पन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस गठबंधन को कुल 70 सीटों में से एक भी सीट प्राप्त नहीं हुई, कांग्रेस के 66 उम्मीदवारों में से 63 की जमानत तक जब्त हो गई। इन सीटों पर कांग्रेस को कुल वोटों के पांच फीसदी से भी कम वोट मिले। 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में रही कांग्रेस लगातार दूसरी बार खाता भी नहीं खोल पाई लेकिन जब हार की जिम्मेदारी की बात आती है तो स्थानीय नेताओं के सर डाल दिया जाता है और यदि कहीं भी थोड़ी सफलता हाथ लगती है तो उसे राहुल गाँधी का काबिलियत बता कर उसे एक मजबूत और दूरदर्शी सोच वाले नेता के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है।
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राहुल गाँधी एक सभा को सम्बोधित करते हुए (PC : FLICKR)

राहुल गाँधी/कांग्रेस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां...

  • राजीव गाँधी की हत्या के बाद सितंबर 1991 में एसजीपी कानून 1988 में संशोधन के बाद गाँधी परिवार (सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी) को वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल कर एसपीजी सुरक्षा प्रदान किया गया था, जिसे हाल हीं में वापस ले लिया गया है। गांधी परिवार के लिए अब जेड प्लस (Z+) कैटेगरी की सुरक्षा के तहत एसपीजी के बराबर हीं सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है।
  • राहुल गांधी जापान के मार्शल आर्ट अकीड़ो में ब्लैक बेल्ट हैं, एकिडो जापान की एक मार्शल आर्ट है, इसमें किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं होता।
  • 13 दिसम्बर 2001 को भारतीय संसद पर हमला करने वाले आतंकवादी अफजल गुरु को कांग्रेस सरकार में 09 फरवरी 2013 को फांसी दिया गया था।
  • जुलाई 2018 में लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर कॉंग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी भ्रष्टाचार, राफेल, बढ़ती बेरोजगारी, नोटबन्दी, जीएसटी, मोब लिंचिंग पर बोलते हुए संसद में कहा था आप सोचोगे मेरे दिल में पीएम के खिलाफ गुस्सा, क्रोध, नफरत है। मगर मैं दिल से कहता हूं, मैं पीएम, बीजेपी आरएसएस का आभारी हूं कि इन्होंने मुझे कांग्रेस का मतलब सिखाया, हिंदुस्तानी का मतलब सिखाया इसके लिए दिल से धन्यवाद। आपने मुझे धर्म, शिवजी और हिंदू होने का मतलब समझाया इसके लिए आपका धन्यवाद। उनके इस भाषण को विपक्षी नेताओं ने बहुत सराहा था।
  • नेहरू-गाँधी परिवार से आने वाले राहुल गाँधी पर भाजपा द्वारा राजनीति में परिवारवाद का आरोप लगाते हुए हमेशा हमला करते पाया गया है, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रैलियों में कई बार शहजादे जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।
  • राहुल गांधी 2004 से लगातार चौथी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं उनकी पार्टी कॉंग्रेस 2004 से 2014 तक सत्ता में रही। इस दौरान वह कभी सरकार में कोई मंत्री पद ग्रहण नहीं किए लेकिन कांग्रेस में सर्वेसर्वा की भूमिका में रहे और इस दौरान पारित होने वाले कानून तथा योजनाओं में निर्णायक का भूमिका निभाते रहे।
  • 2013 में सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को बचाने को लेकर कांग्रेस द्वारा लाए गए अध्यादेश के मुद्दे राहुल गाँधी ने मीडिया के बीच कहा था कि ये बिल्कुल बकवास है, इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए।
  • अपने भाषणों तथा बयानों में गलत तथ्यों तथा आंकड़ो को पेश करने का आरोप लगाते हुवे राहुल गाँधी को एक अपरिपक्व नेता के रूप में प्रचारित करने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें पप्पू जैसे उपनाम से सम्बोधित किया जाता रहा है। कभी भाजपा में रहे वर्तमान कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धु पहली बार राहुल गाँधी के लिए पप्पू शब्द का इस्तेमाल किए थे।
  • राहुल गांधी ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के रोलिंस कॉलेज फ्लोरिडा से 1994 में कला स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1995 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल. की उपाधि प्राप्त की।
  • स्नातक स्तर तक की पढ़ाई के बाद राहुल गाँधी ब्रिटेन में एक प्रबंधन कंपनी में 'रॉल विंसी'  के नाम से नियोजित थे। राहुल गाँधी का दूसरे नाम से उस कम्पनी में नियोजित होना कांग्रेस इसे उनके सुरक्षा का हवाला देते आई है।
  • जनवरी 2019 में रिलीज विजय गुट्टे की फ़िल्म 'एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में अर्जुन माथुर ने राहुल गाँधी का रोल निभाया है।
  • 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा अपनी घोषणा पत्र में गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शामिल किया गया न्यूनतम आय योजना बहुत चर्चा में रहा था। इसके बारे में राहुल गांधी ने कहा था कि इसके तहत जनसंख्या का 20 प्रतिशत (5 करोड़ के आसपास) गरीब परिवारों को इसका लाभ मिलेगा, इसके तहत हर परिवार को सालाना 72,000 और पांच साल में 3,60,000 रुपये डाले जाएंगे। उन्होंने नारा दिया- 'ग़रीबी पर वार 72 हज़ार' और कहा कि 'हमारा पहला कदम न्याय का कदम है।'
  • वर्तमान भाजपा नेता सुब्रमनियम स्वामी द्वारा 2012 में सोनिया गाँधी, राहुल गांधी एवं उनकी कम्पनियों एवं उनसे सम्बन्धित अन्य लोगों के विरुद्ध 'नेशनल हेराल्ड प्रकरण' में मुकदमा दायर किया गया है। सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार हेराल्ड की संपत्तियों का अवैध ढंग से उपयोग कर रहा है जिसमें दिल्ली का हेराल्ड हाउस और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। ये केस फिलहाल दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में है और सोनिया व राहुल गाँधी इसमें जमानत पर हैं।
  • 2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गाँधी पहली बार दो सीटों से चुनाव लड़े। उत्तर प्रदेश के अमेठी तथा केरल के वायनाड से। वायनाड सीट पर राहुल गांधी को सात लाख से ज्यादा वोट मिले और उन्हें 4 लाख 31 हजार वोटों से जीत हासिल की, हालांकि अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी से वह लगभग 55,000 वोटों से हार गए।

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