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Sunday, 15 March 2020

कोरोना वाइरस(covid 19) के कारण टोक्यो ओलम्पिक(Tokyo Olympic) 2020 रद्द होने के कगार पर।

कोरोना वायरस के कारण टोक्यो ओलम्पिक 2020 रद्द!


कोरोना वाइरस (कोविड 19) के कहर को लेकर न केवल दुनियां भर के लोगो में दहशत व्याप्त है बल्कि इसके कारण सैकडों देशों को लाखों-करोडों डॉलर का नुकसान उठाना पडा है। दुनियाभर के पर्यटन उधोगों की कमर टूट गई है। दुनियाभर के शेयर बाजार लगातार गिर रहे हैं। कई खेल प्रतियोगितायें रद्द हो चुकी है। भारत में भी इसके कारण दर्जनों परीक्षायें स्थगित कर दिए गए हैं, सैकडों मंदिर, दफ्तर, हॉल-मल्टीप्लेक्स, स्कूल, पुरुस्कार समारोह अनिश्चित काल के लिए बंद या फिर स्थगित कर दिए गए हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच चलने वाली मैत्री और बंधन एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है और अब इसके कारण दुनियां की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता ओलम्पिक (टोक्यो ओलम्पिक 2020) रद्द होने के कगार पर है। 

ओलम्पिक खेल

ओलम्पिक दुनियां की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है। प्रत्येक चार वर्ष के अन्तराल में होने वाले खेल के इस महासमर की शुरुआत प्राचीन ग्रीस से हुई जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक देश के हजारों खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ओलम्पिक का इतिहास सैकड़ों सालों का रहा है। फ्रांसीसी शिक्षाशास्त्री और इतिहासकार पीयरे डी कोबेर्टिन को अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के संस्थापक और आधुनिक ओलंपिक खेलों के जनक मानें जाते हैं। हर चार साल के अंतराल में होने वाले इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए मेजबान देश मेजबानी मिलते ही जुट जाता है। आधुनिक ओलिंपिक के आज तक के इतिहास में ऐसा सिर्फ तीन बार ही हुआ है, जब इन खेलों को रद्द किया गया, मगर तीनों ही बार खेल विश्व युद्द के कारण रद्द हुए हैं।

बर्लिन ओलिंपिक 1916

ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक 1916 जो जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित था, प्रथम विश्व युद्ध के कारण इसे रद्द करना पड़ा। इसके दो दशक  बाद बर्लिन ने ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक 1936 का आयोजन किया, जो दूसरे विश्व युद्द से पहले आखिरी ओलिंपिक था।

टोक्यो ओलिंपिक 1940

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 1940 का आयोजन जापान के टोक्यो में निर्धारित था। 1940 में 21 सितंबर से 6 अक्टूबर तक ओलम्पिक के इस 12वें सीजन का आयोजन होना था, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इसे पुननिर्धारित करके 20 जुलाई से 4 अगस्त के बीच फिनलैंड में आयोजित करवाने का फैसला किया गया। मगर दूसरे विश्व युद्द के कारण विश्व के देशों की अस्थिरता के कारण आखिरकार इस ओलिंपिक को रद्द करना पड़ा। इसके बाद फिनलैंड ने 1952 में और टोक्यो ने 1964 में ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक की मेजबानी की।

लंदन ओलिंपिक 1944 

ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक के 13वें सीजन की मेजबानी लंदन को मिली थी, मगर दूसरे विश्व युद्द के कारण यह ओलिंपिक भी रद्द हो गए थे। इसके बाद लंदन ने 1948 ओलिंपिक की मेजबानी की थी।

कोरोना वायरस(कोविड 19) के कारण!

टोक्यो को ओलम्पिक की मेजबानी का मौका पहली बार 1940 में मिला था लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के कारण ओलम्पिक के इस सीजन का आयोजन रद्द हो गया। जिसके बाद 1964 में पहली बार टोक्यो में ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक का आयोजन हुआ जो ओलम्पिक का 18वां सीजन था। पुनः टोक्यो में ओलम्पिक का आयोजन 24 जुलाई से 9 अगस्त 2020 के बीच प्रस्तावित है जो आधिकारिक तौर पर आधुनिक ओलम्पिक का XXXII ओलम्पियाड है। लेकिन विश्व में कोरोना(कोविड 19) के दिन-प्रतिदिन बढ़ते संक्रमण से यह आयोजन रदद् होने के कगार पर है।
हाल हीं में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को  वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। चीन के वुहान शहर से इसका संक्रमण शुरू होकर यह वायरस दुनियां के 100 से अधिक देशों को अपने संक्रमण का शिकार बना चुका है। जापान भी इससे अछूता नहीं रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार जापान में भी कोरोना के सैकडों मामले सामने आये है। इस वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैलने के कारण पूरी दुनियां के लोग इसे लेकर दहशत में हैं। दुनियाभर में सिनेमा हॉल, स्कूल, कॉलेज भीड़भाड़ वाले मॉल जैसे सार्वजनिक स्थान बंद किए जा रहे हैं। विश्व की ऐसी परिस्थिति में टोक्यो में ओलम्पिक का आयोजन उचित नहीं जान पड़ता। हाल हीं में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कोरोना वाइरस के संक्रमण से पूरी दुनियां पीड़ित है ऐसे में टोक्यो ओलम्पिक खेलों को कोरोना वाइरस से बचने के लिए स्थगित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाली स्टेडियम में आयोजन से बेहतर है कि इन्हें एक साल स्थगित कर दिया जाए। 
    हालांकि आज तक किसी महामारी या फिर स्वास्थ्य कारणों से ओलिंपिक रद्द नहीं हुए हैं। ऐसे में यदि टोक्यो ओलम्पिक 2020 रदद् होता है तो किसी महामारी या फिर स्वास्थ्य कारणों से पहली बार किसी खेल के आयोजन का इन कारणों से रद्द होना होगा।



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