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Monday, 10 February 2020

कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट अलर्ट पर।


कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट अलर्ट पर।

कोरोना वायरस, corona virus

दुनियां में चिकित्सा के क्षेत्र में जहाँ नित्य नए आविष्कार तथा रिसर्च के कारण सैकडों प्रकार के बीमारियों से मुक्ति आसान हुवा है वहीं समय-समय पर कई चुनौतियां भी सामने आई है। पूरी दुनियां वर्तमान में जिस नई चुनौती का सामना कर रही है वो है कोरोना वाइरस। यह वाइरस चीन के वुहान शहर से शुरू होकर पूरे एशिया में फैल गया है, अब तक 22 देशों में इसके संदिग्ध मामले सामाने आ चुके है। इसको लेकर पूरी दुनियां आशंकित है। यह एक महामारी का रूप लेता जा रहा है। इसको देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। इस वायरस पर कोई दवा के असर न करने के कारण इनका संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
कोरोना वायरस, corona virus

कोरोना वायरस से संक्रमित रोगी का इलाज अभी तक सम्भव न हो पाने के कारण इससे पहले हीं सतर्क रहना उचित बताया जा रहा है। इस वायरस के संक्रमण से अभी तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। चीन से हाल हीं में आये कुछ भारतीयों में भी इस वायरस से संक्रमित होने का पता चला है। जिसके कारण देश के सभी एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों को एलर्ट कर दिया गया है।
IGI AIRPORT, DELHI (PC : FLICKR)
दिल्ली एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट में से एक है जहाँ प्रतिदिन दुनियाभर से हजारों यात्री आवागमन करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मियों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए खास तरह की ट्रेनिंग दी जा रही है। एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों को प्रतिदिन यात्रियों तथा एयरपोर्ट परिसर की जाँच के दौरान सैकडों यात्रियों से नजदीक से बात करना पड़ता है। ऐसे समय में कोरोना वायरस के आदान प्रदान की संभावना सबसे अधिक होती है। हाल हीं में ऐसी हीं संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षाकर्मियों को खास तरह का ट्रेनिंग दिया गया। इसमें डॉक्टरों द्वारा सुरक्षाकर्मियों को सतर्क करते हुए उन्हें इसे अपनाने का सख्त हिदायत दिया गया...

इससे बचाव के उपाय


◆ अपने हाथ को समयांतराल में धोते रहना है।
◆ हाथ से अपने मुँह, नाक, गाल छूने से पहले सेनेटाइजर से हाथ को अच्छी तरह धो लें।
◆ अपने चेहरे पर ह समय मास्क लगाए रखें।
◆ किसी से बात करते समय कम-से-कम तीन फिट की दूरी बनाये रखें।

इस बीमारी के लक्षण

इस वायरस से संक्रमित रोगी को बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।



Monday, 16 December 2019

नागरिकता संशोधन कानून पर बवाल: देश भर में हिंसक प्रदर्शन



नागरिकता  संशोधन कानून के खिलाफ़ देश भर में प्रदर्शन

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नागरिकता संशोधन विधेयक(2019) दोनों सदनों में पारित होने के बाद से हीं पूरे देश में इसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं जिसने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया है। विरोध प्रदर्शन में उपजे हिंसा को लेकर राजनीतिक पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, दिल्ली सहित कुछ राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण शैक्षणिक संस्थान, परिवहन के साधन तथा सार्वजनिक स्थान बुरी तरह प्रभावित हुवे हैं। पिछले चार दिनों से दिल्ली में व्यापक तौर पर आगजनी और हिंसक तोड़-फोड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प में 60 से अधिक छात्र, पुलिस और दमकलकर्मी घायल हुवे हैं, प्रदर्शनकारियों द्वारा डीटीसी के बसों तथा पुलिस के वाहनों में आग लगाने की समाचार सामने आई है। 
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विरोध-प्रदर्शन के दौरान आग लगाया गया डीटीसी का एक बस(फ़ोटो: साभार ट्विटर)

मेरठ तथा अलीगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के कारण दिल्ली, आसाम, पश्चिम बंगाल सहित देश के कुछ राज्यों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हजारों प्रदर्शकारियों की भीड़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैला रहे है। सवाल उठता है ये लोग एक कानून के विरोध के नाम पर आखिर अरबों के जान-माल का नुकसान करने में क्यों लगे हैं भला उस कानून के लिए जिससे किसी भी देशवासियों का कोई नुकसान नहीं होने जा रहा है।


नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में रेलवे को गंभीर नुकसान

          इन सब के बाबजूद उपद्रवियों ने विरोध के नाम पर सबसे ज्यादा जिसका नुकसान किया है वो है भारतीय रेलवे। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर जिस तरह से रेलवे को निशाना बनाया जा रहा है, यह अत्यंत निंदनीय है। रेलवे के जान-माल की जिस तरह से क्षति पहुँचायी जा रही है कहाँ तक उचित है?
प्रदर्शन के दौरान रेलवे स्टेशन में आगजनी

स्टेशनों को आग के हवाले कर दिया जा रहा है। खड़ी रेल गाड़ियों और इंजनों पर भीड़ द्वारा जिस तरह से बेरहमी से पत्थरबाजी की जा रही है, वे दृश्य दिल दहलानेवाले हैं।

 पश्चिम बंगाल के उल्बेरिया एवं कई स्टेशनों (हावड़ा - खड़गपुर रेल खंड) में 13-14 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जिन लोगों ने ऐसा तांडव मचाया, ऐसी क्रूरता तथा निर्ममता दिखाई, वे इस देश के नागरिक नहीं हो सकते। एक साथ इतने लोगों का जमा होना, उग्र प्रदर्शन करना, तोड़-फोड़ करना, ताबड़तोड़ पत्थरबाजी करना और प्रशासन का यों मूकदर्शक बने रहना कई सवाल पैदा करते हैं। उन्हें क्यों तत्काल रोकने, भगाने या प्रतिरोधक कार्रवाई करने की कोई जरूरत नहीं समझी गई। आखिर क्या कारण था की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई? क्या राज्य प्रशासन को ऐसी घटना की कोई आशंका नहीं थी? भविष्य में ऐसी घटनाएँ नहीं हो, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। देखा गया है कभी-कभी कुछ राजनीतिक दबाव के कारण ऐसे मामलों में भीड़ के समक्ष पुलिस प्रशासन असहाय हो जाता है। इसका खामियाजा सार्वजनिक उपक्रमों को भुगतना पड़ता है। 
           खड़गपुर मंडल द्वारा जारी किये गए एक आंकड़े के अनुसार 13-14 दिसम्बर को उग्र प्रदर्शनकारियों द्वारा किये गए विनाशकारी तोड़-फोड़ में रेलवे को 15 करोड़ से अधिक की क्षति हुई है। देश के नागरिकों द्वारा हीं विरोध प्रदर्शन के नाम पर देश के सम्पति और नागरिकों को निशाना बनाया जाएगा तो फिर क्या फर्क रह जाएगा आतंकवादीयों और इन प्रदर्शनकारियों में।

              सोचने की बात है आखिर रेलवे को क्यों निशाना बनाया गया? क्या उस बिल से रेलवे का कोई संबंध है? हिंसक समूहों ने जिस तरह से रेलवे के जान-माल का नुकसान किया है ये इंगित करती है उनकी मानसिकता किस हद तक विकृत हो गई है। जब इस विधेयक से रेलवे का कोई लेना-देना नहीं है, तो रेलवे क्यों नुकसान सहे? देश में प्रायः कोई कानून तथा व्यक्ति के विरुद्ध प्रदर्शन के नाम पर रेलवे को निशाना बनाया जाता है। इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती है, जिनसे रेलवे को काफी आर्थिक नुकसान होता है। ऐसे हिंसक प्रदर्शनकारियों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। 

इन वीडियो में गौर से देखिए इन दहशतगर्दीयों को किसी भी तरह से ये प्रदर्शनकारी लगते हैं,  हमसफ़र एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी करता, तोड़ता, फोड़ता इन बच्चों को क्या नागरिकता संशोधन कानून के बारे में तनिक भी जानकारी होगी, आखिर कौन इन बच्चों को बरगला कर हिंसा के लिए उतावला बना रहा है।
              बहरहाल उम्मीद है ये अराजकता के दौर जल्द ही थम जायेगें और शांति स्थापित होंगी।